Recent Posts from "Dishain"
होली खेलें कैसे
22 Mar 08, 11:16 AMहोली खेलें कैसे नंदलाल ,राधा रूठी रे। पहले बनूँगी मैं नंदलाल, ...
वो जब याद आए बहुत
21 Mar 08, 10:09 AMसोच रहा था इस होली पर सभी कुछ ना कुछ लिख रहे हैं ।क्यूँ ना मैं भ...
अकेलापन
16 Mar 08, 1:47 PMरात अंधेरी मन डाले फेरी दूर कही पर फिर दिख रही है पड़ी हुई इक सप...
नकली दाँत
14 Mar 08, 1:22 PMजब भी वह सामनें से गुजरते थे। मुस्कराते हुए गुजरते थे। उन की म...
गजल
14 Mar 08, 12:47 AMमुस्कराता-सा हरिक चेहरा यहाँ लगता है। चहरे पर चेहरा यह, बहुत ख...

