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Asheesh Dube's Mrig-Mareechika

This blogs contains hindi poetry by Kumar Asheesh

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  • Updated 13 Years Ago

किरकिरी

Updated 13 Years Ago

सादगी आंख की किरकिरी हो गयी छोड़िये, बात ही दूसरी हो गयी उसकी आहट के आरोह-अवरोह में चेतना डुबकियों से बरी हो गयी नन्‍दलाला की मुरली की इक ता...
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