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Asheesh Dube's Mrig-Mareechika

This blogs contains hindi poetry by Kumar Asheesh

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  • Updated 13 Years Ago

दुनिया

Updated 13 Years Ago

कभी तो ऐसे कि जैसे बरस हुए हों मिले कभी अजीज दिलो जां से भी लगे दुनिया बता ऐ जींस्‍त मुझे तेरा तआरुफ क्‍या है न जाने क्‍या-क्‍या समझती रही त...
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