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Smietaa R Bhandari's Thoughts Unlimited

Unlimited thoughts is written on anything I feel needs to be
conveyed to the beings in this universe!

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Prism of Life

Updated 5 Years Ago

Prism Of Life
बस यूँही सोचती हूँ बैठकर कि क्या है यह ज़िन्दगी यह ज़िन्दगी क्या है… मै हूँ मेहज़ एक ज़रिया फिर भी इस ज़रिया में मै नही… जाने क्यूँ इस शेहर में हर कोई भाग रहा है जाने क्यूँ सुकून ढूंते है लोग यहाँ...
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