Surendra Kumar Shukla Bhramar5

Surendra Kumar Shukla Bhramar5's Bhramar Ka Dard Jagran Junction Par

This contains the social pain and different colour of life

  • Rated2.1/ 5
  • Updated 5 Years Ago

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Bijli Mahadev DARSHAN -TEMPLE ON HILL TOP IN KULLU HIMACHAL INDIA
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दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं...
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अभिव्यक्ति की आजादी
अभिव्यक्ति की आजादी ======================= पढ़ते हुए बच्चे का अनमना मन टूटती ध्यान म...
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नशे में त्रस्त
आदरणीया निशा जी के प्रोत्साहन पर एक अधूरी कहानी पूरी करने की कोशिश ... अपना अं...
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घुट-घुट मरती हैं बच्ची
इस रचना में एक अधिवक्ता की पत्नी का दर्द फूट पड़ा है ……………… ना जइयो तुम कोर्...
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मै आतंकी बनूँ अगर माँ खुद “फंदा” ले आएगी
प्रिय दोस्तों इस रचना को ( कोई नहीं सहारा ) ३.३.२०१3 के दैनिक जागरण अखबार में क...
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