V

Vatsaru's Vatsaru

This is my interpretation of vyakta /avyakta vichar and
bhavana

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  • Updated 15 Years Ago

जाने क्या सोच कर नही गुज़रा

Updated 15 Years Ago

कभी ज़िंदगी एक पल में गुज़र जाती है कभी ज़िंदगी भर एक पल नही गुज़रता इंद्र की ज़िंदगी में भी एक ऐसा ही पल रुक गया था जिसे वो आरती के नाम से पेह्चान सकता था रात गुज़र रही थी, लेकिन वो एक पल सारी रात…
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