Submit Blog Post
Home
Blog
Sign Up
Sign In
Careers
Contact
Tata Punch EV Facelift To Be Launched On 20th Feb | MotorBeam
Protecting Genuine Taxpayers from Supplier Defaults & Retrospective GST Cancellations
Tata Punch EV Facelift To Be Launched On 20th Feb | MotorBeam
Protecting Genuine Taxpayers from Supplier Defaults & Retrospective GST Cancellations
Home
Blog
Sign Up
Sign In
Forum
Careers
Contact
J
Jafar's
The Missed Beat
Its about my poetry all poems are oly mines.
Rated
3.1/ 5
Updated
3 Years Ago
Blog by Jafar
From
Rate Now
3.07/5
1
2
3
4
5
शाम से दिल में सुलग रहा कोई....!!!
Updated 7 Years Ago
By
Jafar
शाम से दिल में सुलग रहा कोई, बुझती हुई लकड़ियों में पक रहा कोई, हज़ार बार उम्मीद दम तोड़ती रही हैं, फिरभी दस्तक पर सज रहा...
Read More
More Blog Posts By Jafar
मेरी गली में वो चाँद जलवानुमा सा है..,
अबकी बार तुम कितने बदले -बदले से लगते हो...
तुम उस तरह से बेवफा नही होना...
The Missed Beat
लिख़ने को बस तेरा एक नाम बाक़ी है..
इस रात का कोई किनारा नज़र नही आता,
ज़िन्दगी कही भी रही उसी की रही...
भूलने की कोशिश में मोहब्बत की है।
ज़िन्दगी तुझसे अब पहली वाली मुलाकात नही होती....
तेरे घर से उड़ती हुई हवा आयीं है,
Image not available for this blogpost
रात अभी बाकी हैं,कोई सितारा टिमटिमाया हैं..
कभी-कभी पुरानी डायरी खोल लेता हूँ.....!
टूट-टूट कर कई बार जुड़ा हूँ मैं......
आईने तोड़ देने से शक्ले नही बदला करती
इतनी प्यास थी कि फिर हद से गुजरने में वक़्त लगा...
सारे फ़रिश्ते घबरा जल्दी घर लौट आये हैं....
जो चाँद पलकों पे था आँसू संग उतारा हैं.....
दोस्त बहुत हैं यहाँ कोई यार नही....!!!
अंधेरे ही फैलाने को यहाँ उजाला निकलता हैं.....
बहुत गरूर था हमे,आसमानों में आशिया बनाना था....
मेरी हसरतो को कुचलकर शहनाईयां बजाना..
तेज़ बारिस थी धूप मुह दिखाने लगी....!!!
चिता की आग में जल रहा हूँ मैं ......
बंद होके लिफाफे में,घर आ जाया तो करो .
पूजा की थाली तुलसी का पत्ता हैं माँ.....!!!
चाँदनी नीली रात फिर उफ़ान पे है.....
बैठ के सुबह शाम को मैं लिखता रहा ,
बर्तन माझती कुम्हारिन के हुस्न पर ग़रीबी हावी हैं..!!!
वजह की ज़िद में ज़िन्दगी का मज़ा नही ले पायेगा......!!!
कितने राज कल रात दफ़न हो गये....
मुझसे हो नही पाया तुम कर नही सकते.....
धूर्त ही बिसात हो तो ,हौसले कैसे बरकरार रखे....!!!
मुझसे यकीन बनकर तू लिपट क्यो नही जाता.....
कोई मीरा अभी ये कंहा जान पायी हैं...
क्या मै तुम्हारे तरीके सीख पाऊँगा.....???
ये दो कमरे जो कभी घर न बन सके....
तृष्णा का उपचार क्या हैं...?
तू एक बार गले लगा के देख ले.....
तेरे मेरे मन के नगर क्षितिज के पार होंगे...
क्या करूँ के मेरे पाँव मेरी चादर से ज्यादा हैं...!
TAGS
Poetry
Writting
Love Relationship
Affection
Pain
New Blog Posts
Tata Punch EV Facelift To Be Launched On 20th Feb | Mot
0
Protecting Genuine Taxpayers from Supplier Defaults & R
0
Reassessment Notices by JAO Validated Retrospectively U
0
Search Assessment - Telescoping Upheld, No Double Taxat
0
SBP Regime: Once Arbitrator Appointed u/s 11, Validity
0
No quashing of GST Summons as it were issued only for i
0
80P Win for Credit Societies - Savings Bank Interest Is
0
DC2 e-Tanq Spotted Road Testing Undisguised - Launch Wh
0
...