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Kaushal Kishor's Kashmakash

adab ki batain adab se............

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  • Updated 14 Years Ago

जोश

Updated 14 Years Ago

अन्जान राह पे चलते चलते थक गये हैं अब कदम हो गयी है इन्तहां दुखने लगे हैं अब जखम करता रहा ज़ो जी हुजूरी और गिरा हर बार हूँ ...
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