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Mayur Dubey's Jeevan Ke Rang

poems written by me and my friend

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  • Updated 3 Years Ago

चलना हमारा काम है / शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

Updated 3 Years Ago

गति प्रबल पैरों में भरी फिर क्यों रहूं दर दर खडा जब आज मेरे सामने है रास्ता इतना पडा जब तक न मंजिल पा सकूँ, तब तक मुझे न विराम है, चलना हमार...
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