दुवा
दुवा में सज़ा देने वाले तुझे सज़ा में दुवा दे रहा हूँ हर दुवा हो पूरी तेरी, और...
10 Years Ago
और कुछ?
डर कमजोरी से नही दोस्त अपनी ताकद से लगता है.. अक्सर ताकद या तो बोझ उठाने के लि...
10 Years Ago
सरसों के दाने
सरसों के दाने फिर याद आये जिन्हे ले आने भेजा था बुद्ध ने कभी यूं तो हर बार आ ज...
10 Years Ago
झंझीर लिखता हूँ
रस्मों के पत्थरों पर रिश्तों के बोझ लिखता हूँ रोज जिंदगी पर एक नयी झंझीर लिख...
10 Years Ago
चाशनी..
निगाहो में जिसके सहर रहती है, वो रोशनी हो तुम, लबों से लब्ज़ो में मिठास भरती ह...
13 Years Ago