देश के कोने कोने में समझी, गीतों में गुनगुनाने वाली हिन्दी भाषा साहित्य की स्थिति उतनी दयनीय नहीं है जितनी दीनता से प्रचारित की जा रही है। मेरे सामने बैठी है एक मेधावी छात्रा- सिविल सेवा परीक्षा की उम्मीदवार। उसे शेर से उतना डर नहीं है, जितना टपके से। यानी यूपीएससी की परीक्षा अंग्रेजी में …