Ravi Kant Sharma

Ravi Kant Sharma's Shri Madbhagvad Gita

Then once tasted God be with all her worldly goods
automatically begin to look dull and tasteless.

  • Rated2.3/ 5
  • Updated 11 Years Ago

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॥ गीता का सार स्वरूप ॥
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भगवान श्रीकृष्ण प्रत्येक इंसान से विभिन्न विषयों पर प्रश्न करते हैं और उन्...
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अध्याय एक का माहात्म्य
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अध्याय एक - कर्मयुद्ध-योग
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अध्याय दो का माहात्म्य
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श्री भगवान कहते हैं: प्रिये! अब दूसरे अध्याय के माहात्म्य बतलाता हूँ। दक्षि...
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अध्याय दो - गीतासार-योग
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(अर्जुन के शोक का कारण) संजय उवाच तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्...
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अध्याय तीन का माहात्म्य
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श्री भगवान कहते हैं: प्रिये ! जनस्थान में एक जड़ नामक ब्राह्मण था, जो कौशिक व...
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