S

Shiv Kumar Sahil's Sahil Or Shayari

About my feelings which reflect through my Gazals & Poems.

  • Rated2.8/ 5
  • Updated 7 Years Ago

Recent blog posts from Sahil Or Shayari


मन   ( MY Inner Man)
मन ( MY Inner Man)
मेरी कल्पनाओँ  से भी  आगे जाकर  घर है तेरा  मैं तुझ तक कैसे पहंचु  बता मेरे म...
7 Years Ago
BlogAdda
 ईश्क़ की गहराई
ईश्क़ की गहराई
जब ईश्क़ की गहराई में उतरा  देखा ....  वहां सिर्फ रूह थी तुम्हारी  जिसका कोई ज...
7 Years Ago
BlogAdda
रूह की गहराई
रूह की गहराई
क्यों डूबा है चाँद गहरी तन्हाई में  सूरज जल रहा है किसकी बेबफाई में  समंदर क...
7 Years Ago
BlogAdda
तलाश
मौत का डर है जिसको  और जानिब मौत  के  दौड़ लगाई है जिसने  कभी देखी है वो जिंदगी...
10 Years Ago
BlogAdda
मोनालिसा की तस्वीर
मोनालिसा की तस्वीर
मैने हाथ को कंघी बनाकर  कभी गेसू सँवारे थे तुम्हारे  क्या याद है तुम्हे  ...
10 Years Ago
BlogAdda
माँ  का  प्यार
माँ का प्यार
दोस्त , दौलत ना संसार चाहिए  मुझको मेरी माँ का प्यार चाहिए  चाहिए मेरी  माँ ...
10 Years Ago
BlogAdda
...