लोकतंत्र के जंगल मे शेर की खाल पहन भेड़ियों का शासन है... यहाँ हर तरफ अराजकता ही अराजकता है मजदूर, छात्र, किसान, नौकरीपेशा, उद्यमी सब 70 साल से मूर्खों की मंडली की ओर आस टिकाये कब तक इस राजनैतिक दासता में रहेंगें, सड़क के गड्ढे से ले बैंक का ब्याज, आपके बच्चे के पेपर से…