Surendra Kumar Shukla Bhramar5

Surendra Kumar Shukla Bhramar5's Bhramar Ka Jharokha-dard-e-dil

This contains the social pain and different colour of
society

  • Rated2.2/ 5
  • Updated 8 Years Ago

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आम\' आदमी बन जाऊं
आम' आदमी बन जाऊं ---------------------- मन खौले 'शक्ति' की खातिर 'आम' आदमी बन जाऊं भीड़ हमार...
8 Years Ago
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कितने अच्छे लोग हमारे ----------
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कितने अच्छे लोग हमारे —————————- कितने अच्छे लोग हमारे भूखे-प्यासे -नं...
10 Years Ago
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मेरा ‘मन’ बड़ा पापी -नहीं-मन-मोहना
मेरा ‘ मन ’  बड़ा पापी -नहीं-मन-मोहना   -------------------------------------------- ‘ मन ’ बड़ा निर्मल ह...
10 Years Ago
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अंगूठा चूसते-चूसते वो इतना \"बड़ा\" हो गया
मै ६ दिसंबर हूँ मै ११ सितम्बर हूँ २६ नवम्बर हूँ आंसुओं का महासागर हूँ मै ! ...
10 Years Ago
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अभागन
अभागन
अभागन -------------- पैदा हुयी तो माँ मर गयी ? बाप लापता -- कूड़े में फेंक दी गयी किसी ने ...
10 Years Ago
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भारत देश हमारा प्यारा
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भारत देश हमारा प्यारा बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा शत शत इसे नमन ....... (फोटो साभार ...
10 Years Ago
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