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Vatsal Agrawal 's Reverie

Little musings for the wandering soul.

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  • Updated 6 Years Ago

वजह

Updated 7 Years Ago

वजह
तेरी खिलखिलाती मुस्कान ने तेरी इन गुस्ताख़ अदाओं ने न जाने क्यों इस क़दर घायल कर दिया। लाचार रह गया हूँ तेरी ज़ुल्फ़ों की लिप्टो में। घर बैठे बेघर हो गया। जाने कहाँ जा बस गया मेरा दिल, कैसे जियूँ? साथ …
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