तसलीमा नसरीन ने हमेशा ही सभी धर्मों में मुख्य रूप से इस्लाम में प्रचलित कट्टरपंथ और अंधविश्वासों पर कुठाराघात किया है जिसके लिए उन्हें इस्लामिक कट्टरपंथियों का आक्रोश सहना पड़ा यहाँ तक कि देश-निकाला भी दे दिया गया. वो आज भी एक निर्वासित जीवन जीने को मज़बूर हैं.
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