विद्वानों ने हिन्दूवाद को परिभाषित करने के लिए बरगद का पेड़ वन-जगत और केलिडोस्कोप इत्यादि उपमाओं का प्रयोग किया है। एक विद्वान के अनुसार, हिन्दूवाद को 'हेलेनवाद' की तरह एक सभ्यता के प्रतीक के रूप में देखा जा सकता है, या फिर ‘जूदाइज़्म' अर्थात यहूदी धर्म की तरह एक आस्था के प्रतीक के रूप में भी। हिन्दू धर्म के सभी पहलुओं को छूती है शशि थरूर की पुस्तक ''मैं हिन्दू क्यों हूँ'