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Shayar's Ek Shayar Gaddar

एक शायर के चंद पन्नों
में खुद को समेटने की
जुर्रत कर रहा हु,

  • Rated2.8/ 5
  • Updated 10 Years Ago

Recent blog posts from Ek Shayar Gaddar


मतलबपरस्त
मतलबपरस्त
में इश्क़ देख दिल के मौसम बदल लेता हूं, आँखों की बारिश सर्द आहो में बदल देता हू...
10 Years Ago
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उंगलियों पे तितलियां | एक शायर \"गद्दार\"
उंगलियों पे तितलियां | एक शायर \"गद्दार\"
शाम को बिछा कर बैठो, बहते पानी सी फिसलती हो जैसे। आफ़ताब से छुपती ओस की बुँदे, न...
10 Years Ago
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वक़्त और उम्र | एक शायर \"गद्दार\"
वक़्त और उम्र | एक शायर \"गद्दार\"
sorce google images वक़्त उम्र से- तुझे पलक पर रख ख्वाब पे उठाया मैने, ए उम्र तूने कितना धोख...
10 Years Ago
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चादर | एक शायर \"गद्दार\"
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खिलखिलाती खुशबू को तेरी चादर में समेट लेता हूँ, ऐ ख़ुशी तुझे मे कुछ इस तरह खरीद...
10 Years Ago
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पत्थर | एक शायर \"गद्दार\"
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Sorce google image बहुत देर से बैठे- बैठे ताक रहा इस पत्थर को अजीब है, ना कुछ सवाल कर रहा ना...
10 Years Ago
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अक़्स | एक शायर \"गद्दार\"
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मैंने खुद को इश्क का तेरे इतना यकीं दिला रखा है की2 अक्स में खुद के तेरा अक्स न...
10 Years Ago
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