मतलबपरस्त
में इश्क़ देख दिल के मौसम बदल लेता हूं, आँखों की बारिश सर्द आहो में बदल देता हू...
10 Years Ago
उंगलियों पे तितलियां | एक शायर \"गद्दार\"
शाम को बिछा कर बैठो, बहते पानी सी फिसलती हो जैसे। आफ़ताब से छुपती ओस की बुँदे, न...
10 Years Ago
वक़्त और उम्र | एक शायर \"गद्दार\"
sorce google images वक़्त उम्र से- तुझे पलक पर रख ख्वाब पे उठाया मैने, ए उम्र तूने कितना धोख...
10 Years Ago
चादर | एक शायर \"गद्दार\"
खिलखिलाती खुशबू को तेरी चादर में समेट लेता हूँ, ऐ ख़ुशी तुझे मे कुछ इस तरह खरीद...
10 Years Ago
पत्थर | एक शायर \"गद्दार\"
Sorce google image बहुत देर से बैठे- बैठे ताक रहा इस पत्थर को अजीब है, ना कुछ सवाल कर रहा ना...
10 Years Ago
अक़्स | एक शायर \"गद्दार\"
मैंने खुद को इश्क का तेरे इतना यकीं दिला रखा है की2 अक्स में खुद के तेरा अक्स न...
10 Years Ago