S

Sumit Gaur's Mere Qalam Ke Lafzo Se

writing is best way to express and I try to express my
point of view about society's nature in my blog

  • Rated2.5/ 5
  • Updated 6 Years Ago

Recent blog posts from Mere Qalam Ke Lafzo Se


जब कभी लगने लग जाए कि हम दूर होते जा रहे हैं
जब कभी लगने लग जाए कि हम दूर होते जा रहे हैं
जब कभी तुझे लगने लग जाए कि हम दोनों के बीच का रिश्ता दो-मुंहे बालों की तरह आपस ...
6 Years Ago
BlogAdda
अब के अपने शहर जाना, तो
अब के अपने शहर जाना, तो
सुनो! अबकी बार अपने शहर जाना, तो अपने हिस्से का वो समंदर लेती आना, जिसके किनार...
6 Years Ago
BlogAdda
तुम्हारे लिये एक खत मेरे बच्चे
तुम्हारे लिये एक खत मेरे बच्चे
सबसे पहले तुम्हें जन्मदिन की मुबारकबाद मेरे बच्चे. तुम सोच रही होगी कि जब तु...
6 Years Ago
BlogAdda
कभी वक़्त से वक़्त निकाल कर फुरसत में मेरे पास आना
कभी वक़्त से वक़्त निकाल कर फुरसत में मेरे पास आना
कभी वक़्त से वक़्त निकाल कर फुरसत में मेरे पास आना मैं तुम्हें बताऊंगा कि तुम्...
7 Years Ago
BlogAdda
तेरे साथ मैं ‘मैं’ होता हूँ
तेरे साथ मैं ‘मैं’ होता हूँ
तेरे साथ मैं हमेशा ‘मैं’ होता हूँ तेरे साथ मुझे कभी वो बनने की ज़रूरत नहीं होत...
7 Years Ago
BlogAdda
उस शाम जब हमें इश्क़ हुआ
उस शाम जब हमें इश्क़ हुआ
  उस शाम जब हमें इश्क़ हुआ आफ़ताब हल्का लाल होने लगा था, आसमान में पूरी तरह अँधेर...
7 Years Ago
BlogAdda
...