Prakash Pankaj प्रकाश पंकज

Prakash Pankaj प्रकाश पंकज's Prakash Pankaj

बस अब इतनी विनती करता
हूँ – “हे ईश्वर अब कलम
न छूटे !”

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  • Updated 11 Years Ago

चलो लोकतंत्र की लाश पर जलसा किया जाये

Updated 14 Years Ago

चलो लोकतंत्र की लाश पर जलसा किया जाये
लोकपाल की लाश का मजमा किया था हमने,चलो लोकतंत्र की मौत पर जलसा किया जाये .. 
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