R

Rajesh Ranjan's Samvedana

स्वरचित कविताओं का
संकलन। यह वर्डप्रेस पर
आतिथ्यित है

  • Rated2.0/ 5
  • Updated 12 Years Ago

सूजन मेरे ‘पैरों’ में

Updated 14 Years Ago

कोशिश जीवन-पथ पर चलने की और ये सूजन मेरे ‘पैरों’ में, आ जाओ पीड़ा बस जाओ है आँखें खुली अब सहरों में | लम्हे अब कैसे छीनोगे हर सांस को अब मैं जीता हूँ, तुम कहते थे न मैं संगदिल हूँ देखो म…
Read More
...