Poet

अप�रगतिवादी सोच का मानव !
लालसा उस बौंर की  अमिया की डाली पर  पल्लवित-पुष्पित होती।  नाहक था इंतजार  छोटी-छोटी अमिया ! लू चलती हवाओं के थपे...
Posted: 2 Days Ago
Summer Themed Poetry Contest Update
Reblogged On WordPress.com...
Posted: 1 Day Ago
Turning Odd Things To Your Favor This Is A Story Of Boy From A Village And He Was Bit Different From Children Of His Age !! Hi......
Posted: 2 Months Ago
#118
हर बात पे तेरे यूँ मुस्कुराने की अदा छिप के छिपा के नज़रे मिलाने की अदा और तुमको लगता है तुम खूबसूरत हो यहाँ रहते सभी ...
Posted: 14 Days Ago