Aishwarya Mohan Gahrana

Aishwarya Mohan Gahrana's Gahrana

स्वान्त सुखाय, सर्व जन
हिताय कुछ भी..

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  • Updated 6 Years Ago

दो विचार

Updated 7 Years Ago

कागज़ी सम्बन्ध जगत मिथ्या पर भरोसा करने वाली मानव सभ्यता, आज इस मिथ्या जगत में बनाई गई छद्म दुनिया में जी रही है| आज आपसी संबंधों में आपसी संवाद की जगह कागजों पर लिखे गए भावों ने ले ली है| चेहरे के …
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