Aishwarya Mohan Gahrana

Aishwarya Mohan Gahrana's Gahrana

स्वान्त सुखाय, सर्व जन
हिताय कुछ भी..

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  • Updated 6 Years Ago

हे राम!!

Updated 7 Years Ago

हे राम!!
हे राम! याद होगा तुम्हें छू जाना उस पत्थर का, पथराई अहिल्या का, मुझे भी याद है – तुम्हारा अधूरा काम|| कभी कभी मौका मिलने पर, धिक्कारते तो होगे तुम, अपनी अंतरात्मा को|| सहज साहस न हुआ तुम्हें,…
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